कर्नाटक ने बिना बहस के दो शहरी प्रशासन कानून पारित किए, जिससे बेंगलुरु की 16.75 किमी लंबी सुरंग सड़क परियोजना को लेकर पारदर्शिता संबंधी चिंताएं उठी हैं।