उच्च न्यायालय ने उस कर्मचारी को अवकाश अनुलाभ से वंचित किया जिसने धोखाधड़ी से प्राप्त SC प्रमाणपत्र के माध्यम से सार्वजनिक नौकरी हासिल की थी।